Story of AM Nayak of Larsen and Toubro 2023 | भारतीय उद्योग में अद्वितीय यात्रा: L&T कंपनी के एएम नायक की कहानी
अपने देश में दुनिया के सबसे बड़ी मूर्ति बनी है जिसका नाम एकता का मंच है। इसको बनाने वाली कंपनी आज फोकस में है, जी हां L&T कंपनी के बारे में बात कर रहे हैं। ये भारत की सबसे बड़ी इंजीनियरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी है लाखो करोड़ रुपये, इस कंपनी में लीडरशिप एस्टार पर बड़ा बदलाव हुआ है, क्या है पूरी खबर विस्तार से समझने की कोशिश करते हैं।
L&T के चेयरमैन एएम नायक की कहानी (Story of AM Nayak of Larsen and Toubro) और उनका अद्वितीय करियर
असल में आप जिस कंपनी में आप रहते हैं, पहली नौकरी कर के उसी कंपनी से रिटायर होना किसी के लिए कर्म का फल होता है। भारत की सबसे बड़ी इंजीनियरिंग कंपनी L&T के चेयर मैन एएम नायक के साथ कुछ ऐसा ही हुआ, कंपनी के साथ काम किया 6 दशक तक जुड़े रहे एएम नायक 30 सितंबर को रिटायर हो गए।
लेकिन जूनियर इंजीनियर कंपनी में अपना करियर शुरू करने वाले नायक L&T के चेयर मैन तक पहुछ गए अब उस कंपनी से रिटायरमेंट हो गए है। उनके सम्मान में L&T ने शेयर धारकों को 6 रुपये का विशेष भुगतान देने का फैसला किया है, और भारत में उद्योग जगत में नायक का सम्मान करते हुए एक डाक टिकट भी जारी कर दिया है। L&T को बुलंदियो पर पहुंचाने वाले एएम नायक की कहानी बड़ी रोचक है, आइए इनकी जीवनी को विस्तार से समझने की कोशिश करते हैं।
एएम नायक: एलएंडटी के चेयरमैन की उद्यमिता से भरी यात्रा (Story of AM Nayak of Larsen and Toubro)
एएम नायक का पूरा नाम अनिल कुमार मणि भाई नायक है, इन्होनें कंपनी के साथ अपने करियर की शुरूआत की। जूनियर इंजीनियर के रूप में साल 1965 में अपने करियर की शुरुआत की, धीरे-धीरे सीधी दर सीधी ऊपर चढ़ते गए जनरल मैनेजर से होते हुए मैनेजिंग डायरेक्टर और मुख्य कार्यकारी यानी सीईओ के पद तक पहुंच गए। उन्हें 29 दिसंबर 2003 को एलएंडटी के चेयर मैन और मैनेजिंग डायरेक्टर बना दिए गए। हम 2012 से लेकर 2017 तक L&T
के ग्रुप एक्सक्यूटिव चेयर मैन रहे। अक्टूबर 2017 में एक्सक्यूटिव के पद से खुद को अलग कर लिया और ग्रुप चेयरमैन बन गए।
एएम नायक: L&T में एक संघर्षपूर्ण सफलता की कहानी
Story of AM Nayak of Larsen and Toubro: एएम नायक को लेकर हमारे पास एक रोचक जानकारी है। चलिए वो भी जान लीजिए। 15 मार्च 1965 को एएम नायक ने एलएंडटी में नौकरी ज्वाइन कर ली, उस वक्त उनकी सैलरी 670 रुपये थी। उस वक्त उन्हें लगता था कि हम 1000 रुपये पर रिटार्यर हो जाएंगे। 6 महीने बीतने के बाद उनकी कंपनी में सैलरी बढ़कर 760 रुपये हो गई।
फिर 1 साल बाद उनकी सैलरी में इजाफा हुआ और उनकी सैलरी बढ़कर 950 रुपये हो गई। यूनियन एग्रीमेंट के बाद उनकी सैलरी1025 रुपए हो गई। इस बीच इनकी सैलरी 1 साल में 1025 रुपए हो गई। नौकरी ज्वाइन करने के बाद 1 साल में ही अपनी योग्यता साबित कर दी।
1965 में उन्होंने अपनी नौकरी शुरू की थी, इसी साल 1999 में उनकी कंपनी में वो सीईओ बन गए। जुलाई 2017 में उन्हें एलएंडटी समूह का चेयरमैन बनाया गया। उनके नेतृत्व में एलएंडटी ने जबरदस्त कारोबार किया। साल 2023 में कंपनी का कू एसेट 42 अरब डॉलर का था। कंपनी ने आईटी, डिफेंस, रियलस्टेट, हर तरफ अपना दबदबा कायम कर लिया। आज के तारिख में एलएंडटी का 90% राजस्व एक कारोबार से आता है जिसे एएम नियाक ने शुरू किया था।
एएम नायक: संगठन में सामर्थ्य और सेवा का दिया उदाहरण
Story of AM Nayak of Larsen and Toubro – बता दे एएम नायक अपने काम पर ज्यादा फोकस करते है, और उनका रहन-सहन बेहद साधारण है दिखावा नहीं करते हैं वो ज़मीन से काफी जुड़े रहते हैं, कपड़े फ़ैशन का भी बहुत शौक़ नहीं रहा। एक इंटरव्यू में खुद बताया था कि मेरे आलमारी में 2 जोरी जूते, 6 शर्ट, और 2 बंद हैं। हम उन सब बातो पर बहुत ज्यादा गौर नहीं करते कि उनका आलमारी भरा है कि नहीं उनके पास कितने जूते चप्पल हैं, बस काम चल जाना चाहिए उतने ही सामान रखते थे वो।
अब जाते-जाते एएम नायक की नेटवर्थ की बार करे तो साल 2017 में एएम नायक की सैलरी 137 करोड़ थी, उनका नेटवर्थ 400 करोड़ रुपये था। लेकिन वो जितना कमाते हैं उतना दान करने पर जोर देते हैं, उन्हें 2016 में अपनी 75% संपत्ति दान कर दी, नायक अपनी संपत्ति का अधिकांश हिस्सा स्कूल, अस्पताल, चैरिटी पर खर्च करते हैं।
साल 2022 में उन्हें 142 करोड़ रुपये दान में दिया गया था। उन्हें एक इंटरव्यू के दौरान ये भी कहा था कि अगर उनके बेटे बहु भारत नहीं लौटेंगे तो वो अपनी 100% संपत्ति भारत में दान कर देंगे। बता दे नायक के बेटे और बहू अमेरिका में रहते हैं, उनके बेटे जगनिश ए नायक Google में नौकरी करते हैं, बहू रचना Safe-Way कंपनी में काम करती हैं।
बेटी दामाद भी अमेरिका में डॉक्टर है बच्चों को अमेरिका भेजना वो अपने सबसे बड़ी गलती मानते हैं। वो इतना दान करते हैं कि वो भारत में टॉप 10 दानवीरों की लिस्ट में शामिल हो जाएंगे। हालांकि अब उन्होंने सक्रिय corporate जीवन को विदा कह कर दिया है। अब उनका फोकस CSR activities और समाज कल्याण पर होगा, और वे employee ट्रस्ट के चेयर मैन भी बन गए।
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